Follow Us:

कांगड़ा में महिला संगठनों को जनशक्ति बनाने की मुहिम, सुरेंद्र काकू बोले- विकास में महिलाओं की भागीदारी जरूरी

कांगड़ा में महिला संगठनों को मजबूत बनाने पर जोर
चौधरी सुरेंद्र काकू ने महिलाओं से जनशक्ति आंदोलन से जुड़ने की अपील
महिला भवन, सड़क, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं को विकास से जोड़ा


कांगड़ा। कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं और महिला संगठनों को सामाजिक एवं विकास कार्यों से जोड़ने की पहल को आगे बढ़ाते हुए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता, पूर्व सीपीएस और पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू ने गांव जमानाबाद में महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं देश और समाज की मजबूत एवं सशक्त दीवार हैं और जब महिलाएं किसी विकास कार्य को आंदोलन का रूप देती हैं तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने घरेलू दायित्वों के साथ-साथ समय निकालकर देश और प्रदेश की तरक्की में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं और महिला संगठनों को जनशक्ति आंदोलन के रूप में मजबूत करने में सहयोग करें।

महिलाओं की भागीदारी से विकास बनेगा जन आंदोलन

जमानाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव और विकास की बड़ी ताकत भी हैं।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं संगठित होकर किसी मुद्दे या विकास कार्य के लिए आगे आती हैं तो वह प्रयास धीरे-धीरे जन आंदोलन का रूप ले सकता है। इसलिए महिला संगठनों को मजबूत करना और उन्हें सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका देना जरूरी है।

चौधरी सुरेंद्र काकू ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय समाज और क्षेत्र के विकास के लिए भी निकालें। उनका कहना था कि देश और प्रदेश की तरक्की में महिलाओं की भागीदारी जितनी बढ़ेगी, विकास की प्रक्रिया उतनी ही मजबूत होगी।

हर क्षेत्र में महिलाओं को सहयोग देने का दावा

चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान महिलाओं को हर क्षेत्र में सहयोग देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में महिला संगठनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महिला भवनों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि महिला संगठनों के लिए भवन उपलब्ध होने से उन्हें सामाजिक गतिविधियों, बैठकों और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर स्थान मिल सकता है। उनके अनुसार महिला संगठनों को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल सुविधाएं उपलब्ध करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को संगठित कर उन्हें सामाजिक और विकास गतिविधियों में सक्रिय भागीदार बनाना भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संगठित करने का उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा।

सड़कों से गांवों को जोड़ने पर जोर

पूर्व विधायक ने कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र के गांवों को आपस में जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण करवाया गया है। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी आसान होती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास केवल एक सुविधा तक सीमित नहीं होता। सड़क, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं और इनके बेहतर होने से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।

शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल और कॉलेजों का विस्तार

चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा कि क्षेत्र में हायर सेकंडरी स्कूलों को +2 स्कूलों में अपग्रेड करने के साथ-साथ लड़कों और लड़कियों के लिए कॉलेज खोलने की दिशा में भी काम किया गया है। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाना विशेष रूप से जरूरी है। जब लड़कियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा की सुविधा मिलती है तो इससे परिवारों पर अतिरिक्त बोझ कम होता है और अधिक संख्या में बेटियां उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ सकती हैं।

पेयजल योजनाओं को भी विकास का आधार बताया

चौधरी सुरेंद्र काकू ने क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता बुनियादी जरूरत है। पेयजल की समस्या का समाधान होने से विशेष रूप से महिलाओं को राहत मिलती है, क्योंकि कई ग्रामीण परिवारों में पानी की व्यवस्था की जिम्मेदारी लंबे समय तक महिलाओं पर रही है।

उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा, जब उनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे। सड़क, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाएं इसी विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

महिला संगठनों को मजबूत करने का अभियान जारी रहेगा

कार्यक्रम में चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा कि महिलाओं को संगठित करना उनका लक्ष्य है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने महिला संगठनों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर सामूहिक रूप से आगे आने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि विकास की भागीदार और निर्णय प्रक्रिया की महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। महिला शक्ति को यदि संगठित दिशा मिले तो वह गांव और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से विकास को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। उन्होंने महिला बहनों से अपील की कि वे अपने सामाजिक संगठनों को मजबूत करें और समाज तथा प्रदेश की तरक्की के लिए अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।